The Story of Evil Moral Story in Hindi

दोस्तों, बुरे काम का नतीजा हमेशा बुरा ही होता है अगर किसी भी इंसान या पशु-पक्षी ने अपने जीवन में कोई भी ऐसा काम किया हो जिससे किसी दूसरे के दिल को ठेस पहुंची हो या उसका भरोसा टूटा हो जो आप पर पूरा विस्वास करता हो.

इसलिए ऐसा कोई भी काम ना करे जिससे आपके दोस्त या रिश्तेदार आपको ये कहे की ये बहुत बुरा करता था और भगवान ने आज इसके साथ सही किया है एक ऐसी ही कहानी शेयर करने जा रहा हूँ जिसे पढ़ कर आपकी लाइफ में बदलाव आ सकता है.

किसी गॉव में एक बहुत धनी सेठ रहता था उसके घर की रसोई में एक कबूतर का घोंसला था जिसमे कबूतर बड़े आराम से अपना जीवन पसर कर रहा था उसी जगह पर एक लालची कौवा भी वही पास ही में रहता था एक दिन कौवा उधर से निकला आ रहा था वंहा उसने कुछ मछली देखी और उसके मन में लालच आ गया और सोचने लगा कैसे मछली खाई जाये.

कौवा घर के अंदर जाने के लिए बहुत सारे तरीके सोचने लगा तभी उस कौवे की निगाह घर में कबूतर के घोसले पर पड़ी और मन में विचार आया कि अगर में इस कबूतर से friendship कर लू तो घर में आसानी से जा सकता हूँ फिर शायद मेरी बात बन जाएँ.

कबूतर जब घर के बहार दाना चुगने के लिए निकला लालची कौवा उसके साथ-साथ हो गया कुछ देर बाद कबूतर ने पीछे मुड़कर देखा तो कौवा उसके पीछे-पीछे आ रहा है इस पर कबूतर ने कौवे से कहा भाई तुम मेरे पीछे क्यों आ रहे हो कौवे ने कबूतर से कहा कि तुम मुझे अच्छे लगते हो इसलिए मैं तुमसे दोस्ती करना चाहता हूँ.

यह बात सुन कर कबूतर ने कौवे से कहा कि हम दोनों कैसे दोस्त बन सकते है मेरा और तुम्हारा भोजन अलग अलग है मैं बीज खाता हूँ और तुम कीड़े मकोड़े कहते हो कौवे ने चापलूसी दिखाते हुए कहा ये कौनसी बड़ी बात है मेरे पास घर नहीं है इसलिए हम साथ-साथ रह सकते है और साथ ही साथ  भोजन खोजने आया करेंगे तुम अपना और मैं अपना.

एक दिन घर के सेठ ने देखा कि कबूतर के साथ एक कौवा भी है तो उसने सोचा कि चलो कबूतर का मित्र होगा इसलिए उसने उस बारे में अधिक नहीं सोचा एक दिन कबूतर खाना खोजने कौवे को साथ चलने को बोलता है तो कौवे ने बहाना बनाया की मेरा पेट दर्द कर रहा है में आज नहीं जा सकता हूँ यह बात सुनकर कबूतर अकेला ही चला गया क्योंकि कौवे ने घर के मालिक को नौकर से कहते हुए सुन लिया था आज कुछ मेहमान आ रहे है इसलिए तुम मछली बना लेना.

जैसे ही नौकर घर की रसोई से बाहर निकला उधर कौवा इन्तजार कर रहा था कि नौकर कब बहार आये कौवे घर में घुस गया और मछली उठाकर आराम से खाने लगा तभी नौकर घर वापिस आया तो कौवे को मछली खाते देख गुस्से से भर गया और उसने कौवे को पकड़ कर गर्दन मरोड़ कर मार डाला.

शाम को जब कबूतर घर वापिस आया तो उसने कौवे की हालत देखी और तुरंत समझ गया की क्या बात हुई है दोस्तों इसलिए कहा गया है दुष्ट प्रकृति के प्राणी को उसके किये की सज़ा अवश्य मिलती है इसी लिए आपसे निवेदन है ऐसा कोई भी बुरा काम ना करे जिसका नतीजा बुरा हो. धन्यवाद

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