श्री श्री रवि शंकर के अनमोल विचार Sri Sri Ravi Shankar Quotes

फ्रेंड्स, आज इस आर्टिकल में हम आपको श्री श्री रवि शंकर के अनमोल विचार Sri Sri Ravi Shankar Quotes एक ऐसे गुरु के वारे में बताने जा रहे है.

वैसे तो उनका नाम हम में से सबने सुना या कही पढ़ा जरूर होगा.

साथ ही साथ उनके कहे अनमोल विचार पर भी बात करेंगे Sri Sri Ravi Shankar quotes in hindi.

श्री श्री रवि शंकर के अनमोल विचार

रवि शंकर एक आध्यात्मिक गुरू है और बहुत सरल और शांत सुभाव के इन्सान है.

किसी से कोई भी गिलानी न रखने वाले व्यक्ति, उन्ही के सरल और motivational thought hindi me पढंगे please पोस्ट को आखिर तक पढ़े.

वैसे रवि शंकर generally श्री श्री रवि शंकर के नाम से जाने जाते हैं.

उनका जन्म 13 मई 1956 को पापनाशम, तमिलनाडु, India में हुआ था.

Sri Sri रवि शंकर एक आध्यामिक नेता एवं मानवतावादी धर्मगुरु भी हैं.

उनके भक्त उन्हें आदर से प्राय: “श्री श्री” के नाम से पुकारते हैं.

केवल 4 साल की उम्र में वे श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का पाठ कर लेते थे.

बचपन में ही उन्होंने ध्यान करना शुरू कर दिया था.

उनके शिष्य बताते हैं कि Physics फीजिक्स में अग्रिम डिग्री उन्होंने 17 वर्ष की आयु में ही प्राप्त कर ली थी.

धर्मगुरु शंकर जी ने “आर्ट ऑफ लिविंग फाउण्डेशन” की स्थापना की.

श्री श्री ने 1982 में आर्ट ऑफ लिविंग फाउण्डेशन की स्थापना की सुदर्शन क्रिया ‘आर्ट आफ लिविंग कोर्स का आधार है.

जो लोग सुदर्शन क्रिया सीखने की इच्छा जाते हैं उन्हें एक समझौते पर हस्ताक्षर करना पड़ता है.

कि वे सुदर्शन क्रिया को किसी अन्य व्यक्ति को नहीं बताएंगे.

श्री श्री रविशंकर की सेवाओं को देखते हुए उन्हें कई पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं जैसा की हमने नीचे बताया है-

  • नेशनल वेटरैन्स फाउंडेशन अवार्ड,अमेरिका, 2007
  • वर्षद कन्नडिगा, ईटीवी, 2007
  • आर्डर पोल स्टार 2006, मंगोलिया का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार

चलिए अब श्री श्री रवि शंकर के मोटिवेशनल थॉट्स पर विचार कर लेते है.

उन्होंने अपने अनमोल वचन से क्या कुछ बताने की कोशिश की है हमे उनके बताये रास्ते पर चलना चाहिए.

Quotes 1: रवि शंकर ने कहा है प्रेम कोई भावना नहीं है यह आपका खुद का अस्तित्व है.

Quotes 2: मैं आपसे बताता हूँ आपके भीतर एक परमानंद का फव्वारा है प्रसन्नता का झरना है.

आपके मूल के भीतर सत्य, प्रकाश, प्रेम है वहां कोई अपराध बोध नहीं है वहां कोई डर नहीं है.

मनोवैज्ञानिकों ने कभी इतनी गहराई में नहीं देखा.

Quotes 3: किसी को भी श्रद्धा यह समझने में है कि आप हमेशा वो पा जाते हैं जिसकी आपकी ज़रुरत होती है.

Quotes 4: आप खुद आज भगवान का दिया हुआ एक उपहार है इसीलिए इसे “प्रेजेंट” कहते हैं.

Quotes 5: मानव विकास के दो चरण हैं कुछ होने से कुछ ना होना और कुछ ना होने से सबकुछ होना.

यह ज्ञान दुनिया भर में योगदान और देखभाल ला सकता है.

Quotes 6: जब आप अपना दुःख बांटते हैं वो कम नहीं होता जब आप अपनी ख़ुशी बांटने से रह जाते हैं वो कम हो जाती है.

अपनी समस्याओं को सिर्फ ईश्वर से सांझा करें और किसी से नहीं क्योंकि ऐसा करना सिर्फ आपकी समस्या को बढ़ाएगा अपनी ख़ुशी सबके साथ बांटें.

Quotes 7: दूसरों को सुनो फिर भी मत सुनो अगर तुम्हारा दिमाग उनकी समस्याओं में उलझ जाएगा ना सिर्फ वो दुखी होंगे बल्कि तुम भी दुखी हो जाओगे.

Quotes 8: जीवन ऐसा कुछ नहीं है जिसके प्रति बहुत गंभीर रहा जाए.

जीवन तुम्हारे हाथों में खेलने के लिए एक गेंद है गेंद को पकड़े मत रहो.

Quotes 9: हमेशा आराम की चाहत में तुम आलसी हो जाते हो.

हमेशा पूर्णता की चाहत में तुम क्रोधित हो जाते हो हमेशा अमीर बनने की चाहत में तुम लालची (लालच बुरी बला) हो जाते हो.

Quotes 10: बुद्धिमान वो है जो औरों की गलती से सीखता है.

थोडा कम बुद्धिमान वो है जो सिर्फ अपनी गलती से सीखता है.

मूर्ख एक ही गलती बार बार दोहराते रहते हैं और उनसे कभी सीख नहीं लेते अपने अंदर सीखने की चाहत रखे.

Quotes 11: एक निर्धन व्यक्ति नया साल वर्ष में एक बार मनाता है.

एक धनी व्यक्ति हर दिन लेकिन जो सबसे समृद्ध होता है वह हर क्षण मनाता है.

Quotes 12: आप अपने कार्य के पीछे की मंशा को देखो अक्सर तुम उस चीज के लिए नहीं जाते जो तुम्हे सच में चाहिए.

Quotes 13: यदि तुम लोगों का भला करते हो तुम अपनी प्रकृति की वजह से करते हो.

Quotes 14: में स्वर्ग से कितना दूर? आप अपनी आँखें खोलो और देखो तुम स्वर्ग में हो.

Quotes 15: तुम दिव्य हो तुम मेरा हिस्सा हो मैं तुम्हारा हिस्सा हूँ.

Quotes 16: भगवान के यहाँ से तुम्हे सर्वोच्च आशीर्वाद दिया गया है.

इस गृह का सबसे अनमोल ज्ञान दिया गया है.

तुम दिव्य हो तुम परमात्मा का हिस्सा हो विश्वास के साथ बढ़ो यह अहंकार नहीं है यह पुन प्रेम है.

Quotes 17: तुम्हारा मस्तिष्क भागने की सोच रहा है और उस अस्तर पर जाने का प्रयास नहीं कर रहा है.

जहाँ गुरु ले जाना चाहते हैं तुम्हे उठाना चाहते हैं.

Quotes 18: चाहत या इच्छा तब पैदा होती है जब आप खुश नहीं होते क्या आपने देखा है?

जब आप बहुत खुश होते हैं तब संतोष होता है संतोष का धन अर्थ है कोई इच्छा ना होना.

Quotes 19: इच्छा हमेशा मैं पर लटकती रहती है जब स्वयं मैं लुप्त हो रहा हो इच्छा भी समाप्त हो जाती है ओझल हो जाती है.

Quotes 20: हर एक चीज के पीछे तुम्हारा अहंकार है मैं , मैं , मैं , मैं लेकिन सेवा में कोई मैं नहीं है क्योंकि यह किसी और के लिए करनी होती है.

Quotes 21: दूसरों को आकर्षित करने में काफी उर्जा बर्वाद होती है.

और दूसरों को आकर्षित करने की चाहत में – मैं बताता हूँ विपरीत होता है.

दोस्तों, अगर आपको श्री श्री रवि शंकर जी के प्रेरणादायक अनमोल विचार अच्छे लगे?

तो आप हमे कमेंट करके बताये और Whatsapp और Facebook पर शेयर करे.

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Vipin Lambha

Hello everyone, I am an Entrepreneur with Startup & Digital Media expert by profession and passionate for Blogging.

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