अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस International Women’s Day in Hindi

हर साल 8 मार्च यानी इंटरनेशनल वुमेन्स डे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है जिसमे महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया जाता है दुनिया में महिलाओ को बोला जाता है वो सिर्फ घर के काम काज ही कर सकती है किन्तु इस आर्टिकल के जरिये हम आपको बताना चाहते है भारत की उन महिलाओ के बार में जिन्होंने ये बिल्कुल गलत साबित किया है.

नमस्कार दोस्तो, कैसे हैं आप… उम्मीद करते हैं कि आप सभी लोग अच्छे से होंगे, 8 मार्च है आज महिला दिवस है भारत में एक सोच बहुत प्रचलित है कि घर सिर्फ पुरुष ही चला सकते हैं और महिलाओं का काम सिर्फ रसोई तक की सीमित रहता है.

लेकिन समय-समय पर महिलाओं ने भी पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर अपनी उपयोगिता साबित की है वहीं कहीं मौकों पर तो उन्होंने पुरुषों को भी पीछे छोड़ दिया है.

दोस्तों आज महिला दिवस के उपलक्ष्य में हम आपको भारत उन बेटियों के बारे में बताएंगे जिन्होंने अपनी सफलता से दूसरों के सामने उदाहरण तो पेश किया ही साथ ही उन्होंने भारत का नाम भी रौशन किया.

तो आइए जानते हैं ऐसी बेटियों के बारे में

इरोम चानू शर्मिला

बहुत ही कम लोग होंगे जो इन्हें नहीं जानते होंगे मानवाधिकार की बात आने पर महिलाओं को पीछे या दबाया जाता है लेकिन इरोम चानू शर्मिला मणिपुर की एक ऐसी मानवाधिकार सामाजिक कार्यकर्ता हैं.

जो आज भी महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलती हैं इरोम चानू शर्मिला की शख्सियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की वे 2000 से 2016 तक भूख हड़ताल पर रहीं और ऐसा उन्होंने सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम कानून को समाप्त करने के लिए किया जिसके तहत सेना को किसी भी नागरिक को गिरफ्तार या गोली मारने का आदेश होता था.

सुमित्रा महाजन

सुमित्रा महाजन ने दिखाया कि महिलाएं राजनीति में भी किसी से पीछे नहीं हैं वर्तमान में भारतीय लोकसभा की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन एक ऐसी महिला सांसद हैं जो कभी भी लोकसभा चुनाव नहीं हारी हैं और उन्हें प्यार से लोग ताई कहकर बुलाते हैं.

सुमित्रा महाजन की शख्सियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह लगातार 8 बार एक ही लोकसभा सीट से सांसद बनीं हैं.

चंदा कोचर

महिलाओं को इस बात के लिए भी कोसा जाता है कि वह वित्तीय मामलों में कुछ नहीं जानतीं लेकिन चंदा कोचर ने इन सभी पुरुषों को गलत साबित करते हुए ICICI बैंक के सीईओ बन गईं.

17 नवम्बर 1961 को जन्मीं चंदा कोचर भारत की ऐसी महिला है जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर ICICI बैंक के प्रबंध निदेशक (CEO) तक का सफर तय किया ICICI बैंक भारत देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है.

इनकी उपलब्धी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2009 में फोर्ब्स की 100 शक्तिशाली महिलाओं में चंदा कोचर 20वें स्थान पर थीं.

साक्षी मलिक

डीटीसी में बस कंडक्टर का काम करने वाले सुखबीर मलिक की बेटी साक्षी मलिक का जन्म 3 सितंबर 1992 को हुआ था साक्षी मलिक ने हाल ही 2016 में समाप्त हुए रियो ओलम्पिक में भारत का नाम रौशन किया था.

इसके साथ ही साक्षी ने ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर देशवासियों को गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान किया था

सानिया मिर्जा

टेनिस सनसनी के नाम से मशहूर सानिया मिर्जा का जन्म 15 नवंबर 1986 को हुआ था सानिया भारत की सबसे बेहतरीन टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं सानिया ने टेनिस की दुनिया के कई बड़े खिताब अपने नाम किए हैं सानिया के नाम महिला डबल्स के 3 खिताब हैं, जबकि मिश्रित युगल में भी उन्होंने तीन खिताब अपने नाम किए हैं.

सोनिया गांधी

सोनिया गांधी भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की अध्यक्ष हैं। सोनिया के दम पर कांग्रेस ने साल 2004 में सत्ता में वापसी की थी सोनिया चाहतीं तो वह देश की पीएम भी बन सकतीं थीं.

लेकिन उन्होंने मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाकर त्याग का परिचय दिया सोनिया गांधी को फोर्ब्स ने साल 2013 में दुनिया की सबसे शक्तिसाली महिला की सूची में तीसरे स्थान पर रखा था.

सोनिया ने यह साबित किया कि अगर आपके अंदर जोश और जज्बा हो तो आप कुछ भी करने में कामयाब हो सकते हैं.

तो दोस्तों सोच बदलिए और महिलओं का सम्मान करना सीखिए आज समय तेजी से बदल रहा है और महिलाएं किसी भी लिहाज से पुरुषों से कम नहीं हैं आज के लिए बस इतना ही, हम एक बार फिर से आपसे रूबरू होंगे एक नए विषय के साथ. धन्यवाद!

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