कैसे बने दाँतो के डॉक्टर BDS के बाद करियर

नमस्कार दोस्तों, कैसे हैं आप? उम्मीद है अच्छे ही होंगे। सक्सेस इन हिंदी में आपका स्वागत है एक बार फिर से आपकी सेवा में हाजिर है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे दाँतो के डॉक्टर कैसे बने और साथ ही साथ हम जानेंगे BDS बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बी.डी.एस.) करने के बाद करियर की संभावनाओं के बारे में, तो चलिए शुरू करते है।

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बी.डी.एस. में करियर की सम्भावना

दोस्तों, समाज में चिकित्सा क्षेत्र का बड़ा विशेष महत्त्व है। जिसमें से हमारे जीवन में दाँतो का बहुत महत्व होता है इसीलिए एक दन्त चिकित्सक बनने के लिए आपको 4 वर्ष की बी.डी.एस. की पढ़ाई करनी होती है। लेकिन छात्रों में उलझन होती है कि बी.डी.एस. करने के बाद क्या करें?

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दोस्तों, इस क्षेत्र में सरकारी और निजी दोनों प्रकार के संस्थानों में रोजगार के अच्छे अवसर उपलब्ध हैं। आइये एक नजर डालते हैं उन विकल्पों पर, जिसमें आप अपना भविष्य संवार सकते हैं।

बी.डी.एस. के बाद भारत में रोजगार के अवसर

1. परंपरागत रूप से बड़ी संख्या में छात्र बी.डी.एस. की पढ़ाई करने के बाद आगे की पढ़ाई जारी रखते हुए 3 वर्ष का MDS मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (एम.डी.एस.) करना पसंद करते हैं। एम.डी.एस. की पढ़ाई के दौरान हम विशेषज्ञता की तरफ बढ़ते हैं। एम.डी.एस. करने के बाद आपको सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में अच्छा वेतन भी मिलता है।

2. बी.डी.एस. के बाद आप किसी संस्था में अध्यापन कार्य कर सकते हैं। यह बेहद ही जिम्मेदारी भरा क्षेत्र हैं लेकिन इसमें अच्छा वेतनमान नहीं मिलता। सामान्यतः इसमें आपको 2 लाख से 2.5 लाख तक का वार्षिक वेतनमान मिलता है।

3. शार्ट सर्विस कमीशन द्वारा आप इंडियन आर्मी में भी डेंटिस्ट के रूप में भर्ती हो सकते हैं। यह बेहद ही प्रतिष्ठित जॉब है। इसमें न सिर्फ अच्छा वेतनमान मिलता है बल्कि विभिन्न प्रकार की सुविधाएं भी उपलब्ध होती है।

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4. फॉरेंसिक डिपार्टमेंट, मेडिकल इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया, आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस आदि जैसे केन्द्रीय संस्थानों में रिसर्च करके आप अपना करियर संवार सकते हैं।

5. एम.बी.ए. इन हॉस्पिटल एंड हेल्थ केयर का कोर्स करके आप हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन से सम्बंधित क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। आधुनिक समाज में चिकित्सा से सबन्धित विभिन्न प्रकार की जटिलताओं के कारण ही हॉस्पिटल मैनेजमेंट जैसे क्षेत्र का अविर्भाव हुआ है।

6. आप निजी स्तर पर अपना क्लिनिक खोल कर प्रैक्टिस कर सकते हैं। इसमें आपको शुरू में पूंजी लगानी होगा। लेकिन क्लिनिक खोलने से पहले किसी सीनियर डॉक्टर के अंतर्गत कम से कम 1 साल का अनुभव जरुर हासिल कर लें।

भारत से बाहर करियर की सम्भावना

भारत से बाहर जाकर आप अमेरिका, इंग्लैंड सहित अन्य यूरोपीय देशों में भी अपना भविष्य संवार सकते हैं। यद्यपि यह प्रक्रिया बेहद चुनौतीपूर्ण और महंगी है लेकिन विदेश में वेतनमान भी काफी अच्छा मिलता है। अमेरिका में डेंटिस्ट बनने के लिए आपको दो चरणों में होने वाली NBDE नेशनल बोर्ड डेंटल एग्जामिनेशन (एन.बी.डी.ई.) क्वालीफाई करना होगा।

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यह परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद आपको अमेरिका के किसी भी प्रतिष्ठित संस्थान से DDS डॉक्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (डी.डी.एस.) की पढ़ाई करनी होगी। उसके बाद आप वहां पर किसी भी सरकारी और निजी संस्था में बेहद अच्छे वेतनमान पर नौकरी कर सकते हैं।

इसके अलावा मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एग्जाम पास करके आप खाड़ी देशों में भी जॉब तलाश सकते हैं। यह परीक्षा तुलनात्मक रूप से एन.बी.डी.ई. की परीक्षा से सरल होती है। खाड़ी देशों में आपको 8 लाख से 12 लाख तक का वार्षिक वेतनमान मिल सकता है।

ये पोस्ट आपको कैसी लगी हमे कमेंट करके जरूर बताये, तो दोस्तों आज के लिए बस इतना ही, हमें दीजिये इजाजत नमस्कार।

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