लालच बुरी बला एक नैतिक कहानी

Moral Story

दोस्तों अगर हम कोई भी कार्य किसी भी लोभ और लालच से करते है तो हमे बाद में लज्जा का सामना करना पड़ता है क्योंकि Moral Story In Hindi लालच बुरी बला एक नैतिक कहानी, इसका हमेशा बुरा ही परिणाम होता है.

एक बात जर्रूर अपने ध्यान में रखना गिफ्ट की कीमत कभी नहीं देखनी चाहिये, क्योकि Gift छोटा हो या बड़ा Gift तो gift होता है ये लाइन आपको तब समझ में आएगी तब आप इस लेख को पूरा पढ़ लेंगे.

किसी शहर में एक मशहूर वैध था उसकी दवाएँ Unmistakable होती थी, वह जिस Patient का  इलाज करता वह कुछ समय बाद स्वस्थ हो जाता था लेकिन उसमे एक खराबी थी वह लालची बहुत था.

एक बार एक महिला अपने बच्चे को लेकर आई उसने कई जगहों पर कई वैध से अपने बच्चे को दिखाया था मगर कोई भी बच्चे के मर्ज को नही समझ सका था.

वह महिला काफी उम्मीद लेकर इस वैध के पास आई थी वैध नें बच्चे को देखकर दवाई दी संयोगवश बच्चा कुछ समय बाद बिल्कुल ठीक हो गया.

हर बार वह औरत वैध को कुछ नगद रूपये देती थी, लेकिन इस बार बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के बारे में जानकर उसे बहुत खुशी हुई और उसने उपहार में वैध को रेशम का एक कीमती Wallet दिया.

उस Wallet को देखकर वैध नाक-भौं सिकोड़ने लगा मतलब नाखुशी जाहिर की और बोला, बहनजी मैं इलाज का केवल नगद रुपया ही लेता हूँ ऐसे उपहार मूझे स्वीकार नही हैं कृपया आप आज के दाम भी नगद देकर ही चुकाये.

वैध के मुंह से यह सुनकर महिला दंग रह गयीं और बोली आपके आज के कितने रुपये हुए?

वैध बोला, ‘तीन सौ रूपये ‘ महिला नें झट उस रेशमी Wallet में से तीन सौ रुपये निकाले और वैध की ओर बढा दिए.

इसके बाद वह महिला वैध से बोली, ‘अच्छा हुआ तुमने अपनी लालची प्रव्रत्ति उजागर कर दी दरसल मैने खुश होकर इस Wallet में पांच हजार रूपये रखे थे ये रुपये मैं तुम्हे अपनी श्रध्दा से देना चाहती थी.

मेरा बच्चा तुम्हारे इलाज से सही हुआ हैं इसलिये मैं तुम्हे अतिरिक्त इनाम देना चाहती थी किन्तु तुमने नही लिया इसलिए हमे भी कभी लालच नहीं करना चाहिए.

‘यह सुनकर वैध लज्जित हो गया और उसने उसी क्षण निश्चय किया की आगे से वह कभी भी लालच नही करेगा और प्रत्येक व्यक्ति का इलाज सेवा-भावना से करेगा, लकिन उन सभी Condition को बदला जा सकता है.

अगर हम फिर से सच्ची लगन और ईमानदारी से कार्य करें Moral Story In Hindi लालच बुरी बला एक नैतिक कहानी.

Successinhindi (SIH) इस लेख के लिए शुभम लाम्भा का बहुत आभार व्यक्त करता है दोस्तों अगर आपको इस लेख के लिए कोई भी सुझाब है तो shubhamlambha.1996@gmail.com पर mail करके बता सकते है.

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