All is Well Inspirational Story

सभी पाठको को प्यार भरा नमस्कार,

दोस्तों, ये कहावत तो हम सबने अपनी life में बहुत वार सुनी और पढ़ी होगी ईश्वर बड़ा दयालु है, जो कुछ होता सब अच्छे के लिए होता है लेकिन में आज यहाँ फिर से आपको इस story के जरिये बताना चाहता हुँ.

कि, ये कहावत क्यों और कितनी सही और इसका असर होता भी है कि नहीं चलिए जानते है इस Inspirational Story को पढ़कर-

बहुत time पहले कि बात है किसी देश में एक राजा राज्य करता था उसका राज्य काफी दूर तक फैला हुआ था उस राजा कि सब बहुत respect भी करते थे.

उसके राज्य में कई सारे बगीचे थे जिनमे से एक विशाल फलों का बगीचा भी था जिसमे कई तरह के फल लगते थे, राजा ने उस बगीचे की देखभाल अपने ही एक responsible किसान को दे रखी थी.

वो किसान उस बगीचे कि care अपने परिवार के साथ रह कर के करता था किसान हर दिन बगीचे मैं से ताज़े फल चुन-चुन कर राजा के राजमहल में ले जाया करता था.

एक दिन कि बात है किसान बगीचे में से दो टोकरी राजमहल में ले जा रहा था एक टोकरी में अमरुद भरे थे और दूसरी में मीठे-मीठे बेर (Plum) भरे थे.

अब रस्ते में किसान सोचने लगा की आज राजा को फलों की कौनसी टोकरी दू?

कुछ देर सोचने के बाद उसने मीठे बेर की टोकरी राजा को देने की सोची जब वह राजमहल में पहुचा तो उस time राजा किसी दूसरे ख्याल में खोया हुआ था यह सब देखकर किसान ने मीठे बेर की टोकरी राजा के सामने रख दी.

खुद थोड़ी सी दूर जाकर बैठ गया राजा उसी खयालो-खयालों में टोकरी में से बेर उठाता और किसान के माथे पे निशाना बनाकर मार रहा था बेर सीधा किसान के माथे पर लगता था तो किसान कहता था ‘ईश्वर बड़ा दयालु है’, राजा फिर बेर फेकता था किसान फिर वही कहता था ‘ईश्वर बड़ा दयालु है’.

जब ऐसा कई वार हुआ तो राजा को आश्चर्य हुआ उसने उस किसान से कहा भाई मै तुझे बार-बार बेर फेक कर मार रहा हुँ और बेर जोर से तुम्हारे माथे पर लग रहे हैं उसके बाद भी तुम यह बार-बार क्यों बोल रहे हो की ‘ईश्वर बड़ा दयालु है’.

ये सब सुनने के बाद किसान ने उत्तर दिया महाराज मैं तो आज आपको बड़े-बड़े अमरुद की टोकरी देने वाला था परन्तु suddenly मेरा विचार बदल गया और मैंने बेर वाली टोकरी आपके सामने रख दी यदि मैंने बेर की जगह अमरुद रखे होते तो आज मेरा हाल बहुत बुरा होता.

राजा साहब में इसीलिए ये सब कह रहा हुँ की ‘ईश्वर बड़ा दयालु है’, दोस्तों अब समझ में आया जो कुछ होता है सब अच्छे के लिए ही होता है.

अगर आज किसान ने बेर की जगह अमरुद की basket राजा के सामने रख दी होती तो उस बेचारे किसान की खैर नहीं थी but ईस्वर ने उसे सद बुद्धि दी जिसकी बजह से ये सब हुआ.

ये story कैसी लगी आपको comment करके जर्रूर बताये. धन्यवाद

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